बिछड़ा राजकुमार | Cartoon Story | Hindi Moral Stories | Hindi Kahaniyan

 बिछड़ा राजकुमार | Cartoon Story | Hindi Moral Stories | Hindi Kahaniyan 


आज मैं जंगल में घूम-घूम कर थक गया हूं। मुझे अभी तक शिकार नहीं मिला, बहुत जोरों से भूख लगी है, आज लगता है भूखा ही रहना पड़ेगा, जंगल में मुझे कोई शिकार नहीं मिला, इसलिए आज गांव में चलकर देखता हूं शायद वहां कोई शिकार मिल जाए, इसके बाद लोमड़ी गांव में चली जाती है, वहीं पास में राजा की दासी राजा के बच्चे को झूले में झूला रही थी, तभी लोमड़ी पहुंच जाती है, लोमड़ी को देखकर दासी बच्चे को छोड़कर भाग जाती है, और लोमड़ी बच्चे को लेकर जंगल की तरफ चली जाती है, 


राजा की दासी दौड़ते हुए राजा के पास जाती है और राजा से सारी बात बताती है, महाराज बच्चे को लोमड़ी उठा ले गई, यह कैसे हो सकता है, तुम्हारे रहते बच्चे को लोमड़ी उठा ले गई, नहीं महाराज मेरे हाथों से लोमड़ी छीन करके बच्चों को लेकर भाग जंगल कि तरफ भाग गई, मैं बहुत कोशिश की लेकिन उससे नहीं छोड़वा पाई,

 इस दासी को जेल में डाल दो।


आज मैं इस बच्चे का भोजन करूंगा, इसके नरम और मुलायम शरीर है, आज भोजन करने में बहुत ही मजा आएगा, तभी वहां कुछ दूरी पर बैठा शेर देख लेता है, अरे यह लोमड़ी आज कहां से बच्चे का शिकार कर लाई चल कर देखता हूं और इसका शिकार मै छिन लेता हूं।


शेर को आता देख लोमड़ी बच्चे को छोड़कर भागने लगती है, और शेर लोमड़ी को दौड़ने लगता है, जिसे छिपकर एक गाय देख रही थी, लोमड़ी कहां से नन्हे से बच्चे को उठा लाई चलकर अब मुझे उस बच्चे को बचाना चाहिए, नहीं तो इस बच्चे को वे खा जाएंगे, इस तरह से गाय मौके का फायदा उठाकर बच्चे को अपने घर में लेकर चली जाती है। दौड़ते दौड़ते वे दोनों जंगल में बहुत दूर चले जाते हैं, आज लोमड़ी ने मुझे दौड़ा-दौड़ा कर थका दिया इतना मैं अपनी पूरी जिंदगी में नहीं दौड़ा था, जितना आज दौड़ा हूं, चलकर बच्चे का भोजन करता हूं, इस तरह से शेर बच्चे के पास आता है देखता है बच्चा गायब है, अरे यह बच्चा कहां चला गया है यही तो था लगता है लोमड़ी बच्चे को कहीं छिपा दिया। आज भूखा ही रहना पड़ेगा।


उधर गाय उस बच्चे‌ को दूध पिलाती है और कहती है, यह किसका बच्चा हो सकता है लोमड़ी कहां से इस बच्चे को उठा लाई है। अब मुझे इन जंगली जानवरों से बचाकर इस बच्चे का ख्याल रखना होगा। इस तरह से गाय रोज जंगल में जाति है और  घास खाती है, बच्चे को आकर के दूध पिलाती है । ऐसे ही करते-करते बच्चा बड़ा हो गया। एक दिन गाय घास चर कर और कुछ फल लेकर आ रही थी, तभी लोमड़ी देख लेती है। इस गाय के मजे ही मजे हैं हरी हरी घास भी खाती है और जंगल के फल भी खाती है। दूसरे दिन फिर गाय घास चरने के बाद  कुछ फल लेकर जा रही थी, तभी लोमड़ी देख लेती है, गाय जब घास खा लेती है तो रोज फल लेकर घर क्यों जाती है, लगता है कुछ दाल में जरूर काला है, चलकर इसके घर पर देखना होगा । लोमड़ी गाय के पीछे-पीछे उसके घर पर आ जाती है और छुप कर देखने लगती है। 


मां अब मैं बड़ा हो गया हूं मैं खुद जाकर के अपने लिए भोजन और तुम्हारे लिए घास लेकर आ सकता हूं, मुझे अब बाहर जाना चाहिए नहीं बेटा इस जंगल में बाहर नहीं जा सकते क्योंकि यहां पर बहुत ही खूंखार जंगली जानवर रहते हैं, तुम्हारे लिए बहुत खतरा है, नहीं मां मैं कब-तक इस घर में छिपा रहुंगा। यह दोनों आपस में बातें कर रहे थे और लोमड़ी इन दोनों की बातें सुन रहा था, अच्छा तो यह बात है मैं चल करके शेर से सारी बातें बताता हूं, उस दिन जो मै बच्चा लाया था। उसे तो गाय उसका पालन पोषण कर रही है, उसके बाद भेड़िया शेर के पास पहुंच जाता है और शेर को सारी बात बता देता है। तो यह बात है चलकर मैं गाय को अभी सबक सिखाता हूं, नहीं नहीं  महाराज अभी नहीं हमें मौके का इंतजार करना होगा क्योंकि वह हमेशा लड़के को घर में बंद करके रखती है। जब गाय घास चरने जाएगी और हम मौके का फायदा उठाकर गाय पर हमला कर देंगे और गाय को मार देंगे, उसके बाद लड़का अकेला हो जाएगा। उसके बाद घर पर हमला कर देंगे और लड़के को भी खा जाएंगे। ठीक है कल हम ऐसा ही करेंगे। 


दूसरे दिन गाय घास चरने जंगल में जा ही रही थी।  कि पहले से भेड़िया और सेर घात लगाए बैठ जाते हैं। तभी गाय आ जाती है। अरे कहां जा रही हो मैं बहुत देर से इंतजार कर रहा हूं। रुको जरा कुछ बात करनी है। नहीं मुझे जाने दो। अरे महाराज जल्दी हमला करो इसके ताजा ताजा मांस का स्वाद चखना हैं। तेरे साथ-साथ उस इंसानी बच्चे का भी स्वाद चकना है। अरे वहां देखो सामने से कोई शिकारी आ रहा है। अरे भाग इधर ही आ रहा है भाग भाग जल्दी भाग। 


 आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आपने मेरी जान बचाई। गाय मैं तो इस जंगल में कुछ पक्षियों का शिकार करने आया था जिससे मुझे कुछ पैसे मिल जाते हैं लेकिन आज आते ही देखा कि शेर सामने ही खड़ा है तो मैं डर गया था लेकिन वह शेर खुद ही डर के भाग गया इसलिए तुम्हारी भी जान बच गई। हां और यह सब तुम्हारे आने से ही हुआ है वरना आज पता नहीं क्या होता और मेरे साथ-साथ उस बच्चे को भी नहीं छोड़ता यह शेर,  मेरे साथ एक इंसानी बच्चा भी रहता है मैंने उसे अपने बेटे की तरह पाला है मेरे मरने के बाद उसका क्या होता। क्या तुम्हारे साथ इस जंगल में एक इंसानी बच्चा भी रहता है ऐसा कैसे हो सकता है। क्या तुम मुझे अपने घर ले चलोगी, मैं इस बच्चे को देखना चाहता हूं,  तभी गाय उस शिकारी को अपने घर ले जाती है और रास्ते में हुई सारी घटना के बारे में बताती है। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आपने मेरी मां की जान बचाई। गाय इस लड़के को तुमने पाला है वह भी इस जंगल में कैसे, गाय मुझे तुम पर गर्व है, तुम सच में गाय माता हो, अच्छा अब मैं जाता हूं कभी मिलने आऊंगा फिर।


 मां मैंने कितनी बार कहा है कि अब मैं बड़ा हो गया हूं अब मैं भी आपका ख्याल रख सकता हूं अगर आज वह शिकारी ना होता तो वह दुष्ट शेर और लोमड़ी आपको मार देते, मां फिर मेरा क्या होता, मां क्यों ना हम यह जंगल छोड़ के कहीं दूसरी जगह पर चल के रहे, वहां मैं कोई ना कोई काम लंगा और तुम्हारे लिए रोज ढेर सारा चारा और हरी घास भी ले आया करूंगा, लेकिन हम अब यहां नहीं रहेंगे क्योंकि आपकी जान को बहुत खतरा है यहां। गाय और वह लड़का दोनों अब उसी रात चुपके से उस जंगल से निकलकर एक छोटे से गांव की ओर आ जाते हैं, जहां वो एक झोपड़ी बना के रहने लगते हैं, मां मैं घास काटने जा रहा हूं तुम घर पर ही रहना मैं जल्दी ही आ जाऊंगा लेकिन बेटा यह जगह अनजान है तू कैसे जाएगा तू तो कुछ जानता भी नहीं है। मां यह कोई जंगल नहीं है जो मुझे यहां शेर लोमड़ी या कोई और जानवर खा जाएगा यहां मेरे जैसे इंसान लोग ही रहते हैं और भला मुझे उनसे क्या डर अब तुम फिक्र मत करो मैं जल्दी ही आ जाऊंगा। 


अ अ अब कहां जाऊं हरी घास काटने जहां फल भी लगे हो पेड़ों पर यहां तो कहीं दिख नहीं रहे फलदार पेड़ या हरी हरी घास लगता है। मुझे जंगल की ओर ही जाना पड़ेगा। वहीं मुझे हरी घास और ताजे फल मिल सकते हैं। लेकिन वहां अगर कोई जानवर हुआ तो नहीं नहीं मैं किसी से नहीं डरता मैं जाऊंगा। आ आह अरे यह क्या यह चिड़िया तो घायल है इसके शरीर से तो बहुत खून बह रहा है। मेरी मदद करो। हां हां मैं जरूर करूंगा तुम्हारी मदद लेकिन मैं तुम्हें कैसे बचाऊ मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा। इसी रास्ते पर सीधे जाकर एक नदी है जहां पर एक जड़ीबूटी का पेड़ है तुम मुझे उस पेड़ की पत्तियां लाकर दे दो मैं उसका रस पीकर ठीक हो जाऊंगी ठीक है। मैं अभी जाकर उस पेड़ से वह पत्तियां लेकर आता हूं।


तुम्हारा बहुत-बहुत धन्यवाद आज अगर तुम ना होते तो मेरा बच पाना नामुमकिन था। लेकिन तुम्हें इतना घाव कैसे हुआ था। मैं आसमामान में उड़ते हुए जा रही थी तभी पीछे से एक चील आ गई और वह मुझे मारकर खाना चाह रही थी उसने ही मुझे



 घायल कर दिया और तभी एक दूसरी चील भी वहां पर आ गई और उन दोनों में लड़ाई होने लगी तभी मैं चील के पंजों से छूटकर यहां नीचे गिर गई और वह दोनों चील लड़ते लड़ते उड़कर कहीं और चले गए। लेकिन तुमने नहीं बताया कि तुम इस जंगल में क्या कर रहे हो और तुम्हारा क्या नाम है तुम कहां रहते हो। मैं यहीं कुछ दूर पे एक गांव के किनारे रहता हूं और मैं यहां हरी घास काटने और कुछ ताजे फल तोड़ने आया हूं लेकिन मेरा नाम नहीं है कोई भी क्या 


क्या तुम्हारा कोई नाम ही नहीं है तो फिर मैं रखती हूं तुम्हारा नाम बहादुर हां बहादुर है।

 फिर बहादुर हरी घास और फल तोड़कर अपने घर चला जाता है। गांव में राजा का छोटा भाई अपने साथ दो सैनिकों को लेकर आता है और वहां वह गांव के सभी लोगों से कर वसूली करता है। यह लड़का कौन है इसे पहले कभी नहीं देखा इस गांव में, छोटे महाराज यह लड़का यहां नया आया है कुछ दिनों पहले ही। अच्छा तो फिर इसको भी यहां का नियम पता होना चाहिए ए लड़के मैं इस राज्य के राजा का छोटा भाई हूं। सभी लोग मुझे कर देते हैं इसीलिए तुम्हें भी सभी की तरह मुझे कर देना होगा। महाराज मेरे पास तो कर देने को कुछ भी नहीं है मैं आपको कर कैसे दे सकता हूं।

 क्या तुम मुझे कर देने से इंकार कर रहे हो तुम्हारी इतनी हिम्मत।


सैनिक: छोटे महाराज यह यहां नया आया है इसीलिए इसे कुछ मालूम नहीं है आप इसे माफ कर दें हम इसे समझा देंगे। तो फिर ठीक है समझा देना इसे अच्छे से मैं अगले हफ्ते फिर आऊंगा और तब मुझे इससे कर चाहिए ही चाहिए समझे। जी जी छोटे महाराज। अरे वाह यह तोता कितना सुंदर है सात रंग वाला तोता कितना प्यारा लग रहा है। हां यह तोता तो सच में सात रंगों वाला तोता है। ऐसा तोता तो मैंने पहले कभी नहीं देखा सेनापति मुझे यह तोता चाहिए आप इसे पकड़ने का प्रबंध करें। महाराज मैं इसे नहीं पकड़ सकता लेकिन मैं एक ऐसे व्यक्ति को जानता हूं जो एक शिकारी है और पक्षियों का काम करता है वह इसे जरूर पकड़ लेगा। तो ठीक है।


 महाराज, सैनिक उस लड़के को हमारे पास बुलाकर लाओ। हां तो तुम ने मुझे अभी तक कर क्यों नहीं दिया जबकि राज्य के सभी लोग अपना-अपना कर सही समय पर चुका देते हैं।  महाराज मेरे पास आपको देने के लिए कुछ भी नहीं है मैं कहां से लाऊंगा पैसे जो आपको कर दूंगा। तुम मेरा अपमान कर रहे हो और सरासर झूठ बोल रहे हो कि तुम्हारे पास पैसे नहीं है। सैनिकों जाओ इसके घर की तलाशी लेकर आओ अभी पता चल जाएगा कि इसके पास पैसे हैं या नहीं। तभी सैनिक जाकर उसके घर की तलाशी लेने लगते हैं और उन सैनिकों को बहादुर के बचपन के कड़े मिल जाते हैं।


जिसे वह सैनिक राजा के भाई के पास लेकर जाते हैं क्या यह तुम्हारे बचपन के कड़े हैं। हां महाराज यह मेरे बचपन के कड़े हैं। ऐसा कैसे हो सकता है यह कड़े इसके कैसे हो सकते हैं यह तो हमारे खानदानी कड़े हैं और यह कड़े इस लड़के के पास हैं और यह कह रहा है, कि यह इसके कड़े हैं। ए तुम अपने बारे सब बताओ अपने माता पिता और कब यहां आये, इसके पहले कहां रहते थे।

 महाराज मेरे माता-पिता नहीं है मेरी सिर्फ एक मां है जो कि एक गाय है उसी ने मुझे पाला है और मैं एक घने जंगल के एक पुराने से खंडहर में अपनी मां गाय के साथ रहता था। और अभी कुछ दिनों से यहां इस गांव में रह रहा हूं। क्या तुम एक गाय के साथ रहते हो और वह तुम्हारी मां है और उसने ही जंगल में रहकर तुम्हें पाला है क्या तुम सच कह रहे हो। हां महाराज मैं सच कह रहा हूं अगर यह सच बोल रहा है,


तो इसका मतलब यह वही बच्चा तो नहीं बचपन में लोमड़ी उठा ले गई थी अगर यह वही बच्चा है तो इससे पहले की यह बात किसी को भी पता चले इस लड़के का कुछ करना होगा। अ देखो तुमने मुझे कर भी नहीं दिया है और यह इतने कीमती कड़े भी तुम्हारे पास मिले हैं अगर यह बात राजा साहिब को पता चल गई तो तुम्हें इसकी सजा भी मिल सकती है लेकिन मुझे लगता है कि तुम ईमानदार हो इसलिए तुम्हें मेरी बात माननी होगी और तुम्हें मेरे महल में नौकरी करनी होगी जिससे तुम्हारा कर भी माफ हो सके और यह कड़े वाली बात भी किसी को ना पता चले। महाराज मैं आपके साथ महल चलने को तैयार हूं पर मैंने कोई चोरी नहीं की है और यह कड़े मेरे ही हैं। अब तुम चुपचाप मेरे साथ महल चलो और इन कड़ों के बारे में तुम किसी से कोई भी बात नहीं करोगे समझे। बहादुर अब राजा के भाई के साथ उसके महल चला जाता है। आज से तुम्हें यहीं पौधों में पानी डालना है और इन पेड़ पौधों की देखभाल करना है और यहां से आगे महल के अंदर जाने की हिम्मत भी मत करना नहीं तो उसका अंजाम बुरा होगा समझे। जी महाराज जैसा आप कहे।


 बहादुर अब वही पेड़ पौधों की देखभाल करता और शाम को घर जाकर अपनी मां गाय के लिए घास और अपने लिए फल तोड़कर ले आता है अब मुझे इस लड़के का बंदोबस्त करना होगा वरना यह लड़का मेरे गले की हड्डी बन  जाएगा एक दिन राजा इधर-उधर टहल रहे होते हैं कि तब राजा की नजर बहादुर पर पड़ती है कौन हो तुम पहले तो कभी नहीं देखा तुम्हें यहां महाराज मैं यहां नया आया हूं अच्छा अच्छा ठीक है क्या उनका प्रिय हीरो का हार चोरी हो गया है ऐसा कैसे हो सकता है।


राज महल में चोरी करने की हिम्मत किसने की मंत्री जी आप जल्द से जल्द पता लगाइए कि इस महल में वह कौन है जिसे अपनी जान प्यारी नहीं जी महाराज

 मैं पता लगाता हूं, महाराज मैंने उस नए नौकर बहादुर को


महारानी के कक्ष से कुछ लेकर जाते हुए देखा था मुझे लगता है वह रानी का हीरों वाला हार ही था क्योंकि उसने उसको छुपा कर रखा था और वह जल्दी-जल्दी से जा रहा था क्या यह उस नए लड़के नौकर की करामात है तो फिर जाओ उसे मेरे पास लेकर आओ तभी सैनिक बहादुर को राजा साहिब के पास लेकर आता है ऐ लड़के क्या तुझे जरा सा भी डर नहीं लगता कि तू इस महल में चोरी करेगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा तूने महारानी का जो हीरों का हार चोरी किया जल्दी से बता दे वह कहां छुपाया है नहीं


तो हम तुम्हें कड़ी से कड़ी सजा देंगे महाराज मुझे किसी हार के बारे में कुछ नहीं मालूम और मैंने कोई हार चोरी नहीं किया है महाराज मैं तो पेड़ पौधों में पानी डालना व उनकी देखभाल करने के अलावा महल के भीतरी हिस्से में कदम भी नहीं रखता हूं तो मैं महारानी का हार कैसे चोरी कर सकता हूं सैनिकों जाओ इसकी झोपड़ी की अच्छी से तलाशी लेकर उस चोरी किए हुए हार को लेकर आओ इसने वह हार अपनी झोपड़ी में ही छुपाकर रखा होगा सैनिक अब जाकर उसकी झोपड़ी में देखते हैं तभी उन्हें वहां एक राजसी संदूक दिखाई देता है 






जिसमें वह हीरो का हार रखा होता है जिसे वह सैनिक राजा के पास ले जाकर पेश कर देता है. महाराज अब आप नहीं इसे तो मैं सजा दूंगा क्योंकि इस पर तरस खाकर मैंने ही इसको महल में नौकरी दी थी. चोरी करने की ऐसा दोबारा ना हो इसलिए मैं इसे फांसी की सजा सुनाता हूं और आज ही। नहीं महाराज मैंने कोई चोरी नहीं की है यह सब झूठ है। चुप हो जाओ तुम और बताओ तुम्हारी कोई आखिरी इच्छा हो तो वह अवश्य पूरी करेंगे बस सजा माफी को छोड़कर। मुझे एक पेड़ से बहुत लगाव है और मैं रोज कुछ क्षण उसकी छाव में बिताता हूं इसलिए मेरी आखिरी इच्छा है कि मैं मरने से पहले कुछ क्षण उसी पेड़ के नीचे बैठकर बिताऊ। और फिर उसके बाद आप जो भी सजा दें मुझे मंजूर होगी। बहादुर अब उसी नदी के पास वाले पेड़ के नीचे जाकर बैठ जाता है और वहीं कुछ देर बैठा रहता है। जिसके बाद उसे फांसी की सजा दे दी जाती है और उसके शरीर को नदी में बहा दिया जाता है। आज मेरा बेटा घर नहीं आया अभी तक पता नहीं कहां रह गया है।


यह तुम्हारा इनाम है रख लो आज मैं बहुत खुश हूं मेरे रास्ते का कांटा जो निकल गया है उस लड़के ने अचानक आकर मेरी नींद ही हराम कर दी थी अच्छा हुआ मैंने उसको रास्ते से हटा दिया वरना कहीं अगर मेरे बड़े भाई को पता चल जाता कि यह लड़का उनका ही बेटा है जिसे बचपन में लोमड़ी उठा ले गई थी तो यह सारा राज पाठ उसी जंगली लड़के का हो जाता और मैं खाली हाथ तमाशा देखता रह जाता इसीलिए मैंने यह सारा जाल बिछाया ताकि उस लड़के को इस महल में लाकर उसको किसी बड़े इल्जाम में फंसाकर उसको खत्म करवा सकूं और देखो मैंने उसको फांसी की सजा दे ही दी क्या उस लड़के को फांसी की सजा हो गई।


क्या यह तो बहुत ही गलत हुआ है अब बेचारी उस गाय का क्या होगा बेचारा नादान लड़का बेवजह ही मारा गया। शिकारी जाकर राजा साहिब को वह सतरंगा तोता दे देता है। तुमने हमारा दिल जीत लिया है। शिकारी यह तोता वाकई में बहुत सुंदर है बताओ तुम्हें क्या इनाम चाहिए धन दौलत सोना चांदी जो भी तुम कहो वह सब तुम्हें मिलेगा। महाराज क्षमा चाहूंगा मुझे धन दौलत सोना चांदी नहीं चाहिए महाराज अगर आप मुझे कुछ दे सकते हैं तो मुझे इंसाफ दे दीजिए। क्या इंसाफ कैसा इंसाफ। महाराज क्या आप जानते हैं कि जिस लड़के को आपने फांसी दी है वह कौन था उसके बारे में आपको कुछ मालूम है नहीं मुझे नहीं पता वह लड़का कौन था। और उसके बारे में मुझे कुछ भी नहीं मालूम है।


 चोरी के जुर्म में उसे फांसी की सजा सुनाई ताकि दोबारा कोई ऐसी हरकत ना करे।  महाराज जिसे आपके दरबार में फांसी दे दी गई वह लड़का चोर नहीं वह आपका ही पुत्र था। जिसे बचपन में एक लोमड़ी उठा ले गई थी और उस बच्चे को उस लोमड़ी से बचा के एक गाय ने उसे पाल पोस कर बड़ा किया था और कुछ दिनों पहले ही वह दोनों जंगल छोड़कर पास के एक गांव में रहने आए थे जिसे आपके ही भाई छोटे महाराज ने पहचान लिया और अपने रास्ते से हटाने के लिए एक सैनिक को रुपयों का लालच देकर उसके साथ मिलकर उस लड़के के खिलाफ साजिश रच के उसको फांसी सजा दे दी ताकि इस राज्य के अगले राजा आपके भाई बन सके महाराज मैं चाहता हूं आप मेरे साथ चलकर उस गाय से जरूर मिले जिसने उस लड़के को पाला था, 


राजा तुरंत उस शिकारी के साथ बहादुर के घर पर पहुंच जाता है और तभी वह गाय राजा को सारी बात बताती है गाय की बात सुनकर राजा के पैरों तले जमीन खिसक जाती है और वह बहुत दुखी हो जाता है क्या यह क्या अनर्थ हो गया मेरे ही दरबार में मेरे ही बेटा को फांसी की सजा हो गई और मैं देखता रहा अपने बेटे को पहचान भी ना सका और मेरे ही भाई ने मेरे बेटे की जान ले ली अब मैं बलवीर को उसके गुनाहों की सजा देकर ही रहूंगा। तभी वहां बहादुर आ जाता है और उसे देखकर सब आश्चर्य चकित रह जाते हैं


अरे यह क्या तुम्हें तो फांसी दे दी गई थी तो तुम बच कैसे गए ऐसा कैसे हो सकता है यह, महाराज मैंने कोई चोरी नहीं की थी इसीलिए मुझे खुद को बेगुनाह साबित करना था इसीलिए मैंने अपनी आखिरी इच्छा में जिस पेड़ के नीचे बैठने की मांग की थी उसी पेड़ की जड़ी बूटी मैंने अपने फांसी होने से पहले ही खा ली थी जिसकी शक्तियों की वजह से मैं बच गया और मैं वापस आ गया हूं। बहादुर की बात सुनकर राजा बहुत खुश हो जाता है और उसे बताता है कि वह उसका पिता है और वह उसका पुत्र है राजा अब सभी को लेकर महल चला जाता है।


 राजा अब सभी को लेकर महल चला जाता है। अपने भाई और उस सैनिक को आजिवन कारावास में डाल देता है। वह अपने पुत्र के साथ खुशी से रहने लगता है और उस गाय को भी उसी महल में रख लेता है


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