Posts

Showing posts from August, 2023

Hindi Kahani bramhrakshas

 Hindi Moral stories, hindi kahaniyan एक गांव में एक हज्जाम रहता था । काम का न काज का दुश्मन अनाज का उसने बहुत सारा पैसा उधार लिया हुआ था  हजामत का हुनर न, न ही हुनर मसाज का उसकी बूढ़ी मां थी एक जो दिन रात कलपती रहती थी डाँटती फटकारती फिर भी इस निकम्मे के वास्ते दिन भर खटती रहती थी । जूं तक न रेंगती थी कभी उसके कान पे आफत न आने देता था कभी अपनी जान पे एक दिन उसकी बूढ़ी माँ उससे बहुत तंग होकर हाथ में झाड़ू लिए तेज आवाज में कहा निकम्मे, निखट्टू निकल यहां से ... आज से तुझे न रोटी मिलेगी न पानी। निकल घर से। काम करता है न काज... चार धेले का सहारा नहीं... मैं कब तक खट-खटकर तुझे रोटी खिलाती रहूंगी ? जा और बाहर जाकर काम कर ... आज के बाद जब तक काम न करे मुंह मत दिखाना...। और झाड़ू से मारती है । देख ... बहुत हो गया ... अब रूक जा वरना...। वरना, वरना क्‍या करेगा ? एक झाड़ू और मारती है । अब मारेगी तो सचमुच चला जाऊंगा ...। जा न... निकल यहां से ...। मैं सचमुच चला जाऊंगा ... फिर वापस नहीं आऊंगा...। मत आना...समझ लूंगी कि मैं निपूती ही थी... ऐसे निखट्टू के होने से तो बेऔलाद होना ही अच्छा...। नाई...