Sherni aur siyar ka bachcha

 Sherni aur siyar ka bachcha

एक बार एक शेर को एक सियार का अनाथ बच्चा मिला। वह उसे घर ले आया। शेरनी उसे देखकर बहुत खुश हुई उसने उसे अपने बच्चों के साथ पाला।

बच्चे थोड़े बड़े हो गए और साथ में शिकार पर जाने लगे। एक दिन शेर के बच्चों को हाथी दिखा।


उन्होंने उसका शिकार करने की सोची, पर सियार के बच्चे ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा, “हाथी हमें पैरों के नीचे कुचल देगा। हमें वापस घर जाना चाहिए।”

घर वापस आकर शेर के बच्चों ने सियार के बच्चे को कायर कहकर मजाक उड़ाने लगे। गुस्से में सियार के बच्चे ने जाकर अपनी मां से बाकी बच्चों की शिकायत की और उनको जान से मारने की धमकी दी। 

शेरनी हंसते हुए बोली, “मेरे प्यारे, वीरता शेर की निशानी होती है जबकि तुम अपनी सुरक्षा का ध्यान ज्यादा रखते हो। 

मैंने तुम्हें अपने बच्चों के साथ पाला है पर तुम उनसे अलग हो तुम उन्हें नहीं मार सकते, परंतु वे तुम्हें मार देंगे। अब तुम्हें अपने जैसे दूसरे सियारो के पास चले जाना चाहिए। और उनके साथ रहना चाहिए।”

सियार वहीं से भाग गया।

अपने से ज्यादा ताकतवर लोगों को धमकी नहीं देनी चाहिए।

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